Janpaksh Times https://janpakshtimes.in National News Portal Tue, 05 May 2026 06:51:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं- सीएम धामी https://janpakshtimes.in/2026/05/05/government-orders-for-all-pending-announcements-must-be-issued-by-june-15-cm-dhami/ Tue, 05 May 2026 06:51:26 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4273

मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं- सीएम धामी

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर सीएम धामी सख्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना तथ्यात्मक तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।

मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय और संवाद की कमी पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। सभी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं की गहन समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों से यह रिपोर्ट मांगी कि कितनी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी अभी लंबित हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं और जिन कार्यों के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने साफ किया कि अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यों पर काम शुरू हो चुका है, वहां शिलापट्ट लगाना अनिवार्य है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के मामलों को अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखने पर भी नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर किया जाए, जहां वे उत्पन्न होती हैं।

मुख्यमंत्री ने 15 जून से पहले एक और समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी लंबित घोषणाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को हर हाल में धरातल पर उतारा जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

समीक्षा में विभिन्न क्षेत्रों की घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। सोमेश्वर क्षेत्र की 90, सल्ट की 69, रानीखेत की 33 और जागेश्वर की 48 घोषणाओं की स्थिति का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का बड़ा एक्शन, बहुमंजिला इमारत सील, अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप https://janpakshtimes.in/2026/05/05/mdda-takes-major-action-against-illegal-construction-in-rishikesh-multi-story-building-sealed-panic-grips-illegal-builders/ Tue, 05 May 2026 05:07:22 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4270

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम ऋषिकेश के निर्देशों पर हरिद्वार रोड स्थित एक बहुमंजिला अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है और प्राधिकरण ने साफ संकेत दे दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

एमडीडीए द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र में हरिद्वार रोड पर पेट्रोल पंप के निकट रिया अरोड़ा और गोपाल सती द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।कार्रवाई एसडीएम ऋषिकेश के आदेशों के अनुपालन में की गई, जिसमें प्रशासन और प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। इस दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, तहसीलदार संदीप नेगी, अवर अभियंता पूनम और अमित भारद्वाज के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले भी कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन नियमों की अनदेखी जारी रहने पर अंततः सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।

अवैध निर्माण पर लगातार सख्ती
एमडीडीए इन दिनों देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त अभियान चला रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना स्वीकृति के निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं में भी डर का माहौल है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में नियमों का पालन अनिवार्य है और उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। तिवारी ने आम जनता से अपील की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई होगी। बर्निया ने कहा कि आमजन भी अवैध निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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लेटर बम निकला ‘फुस्स’, बयान के बाद सियासत में पलटवार तेज https://janpakshtimes.in/2026/05/04/letter-bomb-turns-out-to-be-a-dud-political-counter-attacks-intensify-following-statement/ Mon, 04 May 2026 12:27:13 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4267

गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने लेटर को बताया झूठ का पुलिंदा

अरिवंद पांडेय के बयान के बाद बैक फुट पर कांग्रेस

गोदियाल के खिलाफ केस दर्ज करवाएगी भाजपा?

फेक नेरेटिव को लेकर गणेश गोदियाल पर उठने लगे सवाल!

देहरादून- प्रदेश की सियासत में जिस “लेटर बम” ने अचानक हलचल मचा दी थी, अब वही खुद सवालों के घेरे में खड़ा नजर आ रहा है। गदरपुर से विधायक अरविंद पांडेय ने सामने आकर पूरे मामले पर विराम लगाने की कोशिश की और साफ-साफ कहा “ना मैंने कोई पत्र लिखा है और ना ही उसमें लगाए गए आरोपों का कोई आधार है।” एक बयान ने उस पूरे सियासी तूफान की हवा निकाल दी, जिसे पिछले कई दिनों से कांग्रेस बड़ा मुद्दा बनाकर हल्ला मचा रही थी।

दरअसल, मामला तब गरमाया जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया कि भाजपा के गदरपुर विधायक ने अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोपों वाला पत्र लिखा है। इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई, चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश की।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब खुद कथित पत्र के लेखक बताए जा रहे अरविंद पांडेय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे न सिर्फ “मनगढ़ंत” बताया, बल्कि यह भी कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत गढ़ा गया झूठा नैरेटिव है, जिससे उनकी छवि और सरकार दोनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी घेरने का प्रयास हुआ, लेकिन पांडेय के बयान के बाद अब सियासी समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं। जिस मुद्दे के जरिए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश थी, वही अब विपक्ष के लिए असहज स्थिति पैदा करता नजर आ रहा है।

अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह “लेटर बम” सच में कोई खुलासा था, या फिर बिना बारूद का पटाखा, जो आवाज तो करता है लेकिन असर नहीं छोड़ता? और अगर यह नैरेटिव गढ़ा गया था, तो आखिर किस आधार पर और किस जल्दबाजी में?

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब कांग्रेस के भीतर भी इसको लेकर असंतोष की आहट सुनाई देने लगी है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि बिना ठोस सबूत के इस तरह के आरोप सार्वजनिक करना पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। पहले से जनाधार के संकट से जूझ रही कांग्रेस के लिए यह प्रकरण कहीं आत्मघाती साबित न हो जाए।

इसी बीच सियासी तापमान को और बढ़ाते हुए भाजपा खेमे में अब इस पूरे मामले को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी गणेश गोदियाल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने पर मंथन कर रही है। यदि ऐसा होता है तो यह विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी मोड़ भी ले सकता है।

कुल मिलाकर, जो मामला सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करने वाला बताया जा रहा था, वह अब विपक्ष के लिए ही असहज सवालों की वजह बन गया है। सियासत में ‘नैरेटिव’ जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से टूटते भी हैं और इस बार, यह टूटन काफी शोर के साथ देखने को मिल रही है।

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भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार, 500 नए सेंसर लगाने की योजना https://janpakshtimes.in/2026/05/04/expansion-of-earthquake-early-warning-system-plan-to-install-500-new-sensors/ Mon, 04 May 2026 11:26:18 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4264

आपदा से निपटने के लिए तकनीकी संस्थाओं और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली, राष्ट्रीय भूकम्प जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्लेशियर झील विस्फोट जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम तथा भूस्खलन न्यूनीकरण के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं पर कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों तथा संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में ग्लेशियर झील विस्फोट जोखिम न्यूनीकरण के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी द्वारा वर्तमान प्रगति एवं भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वाडिया संस्थान द्वारा वसुंधरा झील को एक पायलट साइट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं मॉनिटरिंग मैकेनिज्म स्थापित किए जाएंगे। इस मॉडल को भविष्य में अन्य संवेदनशील ग्लेशियल झीलों पर भी लागू करने की योजना है, जिससे राज्य में ग्लेशियर झीलों से जोखिम प्रबंधन को वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जा सके।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी वर्ष 2026-27 एवं 2027-28 के लिए प्रस्तावित गतिविधियों का विस्तृत टाइमलाइन प्रस्तुत करे, जिसमें स्पष्ट हो कि कब कौन से कार्य किया जाना है। इसके अतिरिक्त संस्थान को निर्देश दिए गए कि न्यूनीकरण उपायों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए, जिसमें अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने, रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं डिसीजन सपोर्ट सिस्टम तथा स्ट्रक्चरल उपाय जैसे पानी का नियंत्रित निकास और झील का स्तर कम करने के उपाय शामिल हों।

वहीं दूसरी बैठक में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा की गई। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अवगत कराया गया कि वर्तमान में 169 सेंसर एवं 112 सायरन स्थापित किए जा चुके हैं। आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर लगातार अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में 26 फरवरी, 2026 को आईआईटी रुड़की के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अंतर्गत 01 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक ईईडब्ल्यूएस प्रणाली के अलर्ट प्रसारण, संचालन एवं अनुरक्षण का कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय भूकम्प जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत राज्य में भूकम्पीय संवेदनशील क्षेत्रों में 500 स्ट्रॉन्ग मोशन सेंसर की तैनाती की जा रही है, जिससे मौजूदा चेतावनी प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त चेतावनी प्रसार को प्रभावी बनाने के लिए 526 सेंसर (500 स्वदेशी ईईडब्ल्यूएस सायरन एवं 26 मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सायरन) की स्थापना भी प्रस्तावित है।

सचिव सुमन ने बताया कि राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केंद्र के अंतर्गत देशभर में कुल 167 सिस्मोलॉजिकल वेधशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 8 उत्तराखण्ड में स्थापित हैं। राज्य में भूकम्पीय निगरानी को और सुदृढ़ करने के लिए रुड़की, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, रामनगर, बागेश्वर, अल्मोड़ा, केदारनाथ एवं चकराता में नई स्थायी वेधशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी, सटीक एवं त्वरित बनाया जाए तथा आमजन तक चेतावनी संदेशों का समयबद्ध एवं व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेंसर एवं सायरन नेटवर्क के विस्तार तथा उनके नियमित अनुरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

वहीं तीसरी बैठक में डिब्रिस फ्लो (मलबा बहाव) से संबंधित जोखिम आकलन पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बताया गया कि चमोली, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कुल 48 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। ये सभी स्थान मुख्यतः जल निकासी मार्गों (ड्रेनेज चैनल) के आसपास स्थित हैं, जिन्हें जोखिम के आधार पर उच्च, मध्यम एवं निम्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, ताकि प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जा सके।

इस कार्य के लिए विभिन्न संस्थानों को शामिल करते हुए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान तथा उत्तराखण्ड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र शामिल हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण, निगरानी एवं आवश्यक निवारक कार्य किए जाएं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं तकनीकी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. वी.के. गहलोत, डॉ. के. लुइरेई, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. मनीष मेहता, यूसैक की वैज्ञानिक डॉ. आशा थपलियाल, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी उपस्थित रहे। आईआईटी रुड़की के प्रो0 कमल, जीएसआई के निदेशक रवि नेगी तथा डाॅ. अजय चैरसिया ने ऑनलाइन बैठक में प्रतिभाग किया।

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शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार- डॉ. धन सिंह रावत https://janpakshtimes.in/2026/05/04/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/ Mon, 04 May 2026 10:17:54 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4261

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

श्रीनगर। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पीएम श्री योजना के तहत पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यालय की छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की शिक्षा मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शिक्षा मंत्री ने विद्यालय परिवार, शिक्षकों और सभी सहयोगियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

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नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, आरोपियों पर कठोरतम कार्यवाही के दिए निर्देश https://janpakshtimes.in/2026/05/04/the-health-minister-held-a-marathon-review-meeting-with-seven-medical-colleges-and-the-state-cancer-institute-haldwani-2/ Mon, 04 May 2026 05:48:16 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4258

15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में राज्य महिला आयोग सख्त; अपराधियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश

धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध सरकार और आयोग सख्त, प्रशासन करे कड़ी कार्रवाई- कुसुम कंडवाल

​देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हरिद्वार जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चारा लेने गयी एक 15 वर्षीय हिंदू नाबालिग के साथ विशेष समुदाय के तीन युवकों द्वारा अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की जघन्य घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी कड़ी आपत्ति और गहरा दुःख प्रकट किया है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता 26 अप्रैल को पशुओं के लिए चारा लेने गई थी, जिसके पश्चात आरोपियों द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया। पीड़िता 27 अप्रैल को अचेत अवस्था में प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत परिजनों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचित कर लिखित तहरीर दी गई थी। इस जघन्य प्रकरण को अत्यंत निंदनीय और देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बताते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राज्य में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं और ‘लव जिहाद’ जैसी घृणित मानसिकता को किसी भी स्थिति में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार और आयोग अत्यंत कठोर नीति अपना रहे हैं।

आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हरिद्वार के एसपी देहात, शेखर सुयाल से दूरभाष पर वार्ता की और मामले की विस्तृत वस्तुस्थिति से अवगत हुईं। वार्ता के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि इस अमानवीय कृत्य में संलिप्त एक भी अपराधी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए। अध्यक्ष ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे इस मामलों पर अत्यंत संवेदनशील हैं और उनके स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य की कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम संभव दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार ऐसी घटिया मानसिकता वाले आरोपियों के विरुद्ध हर संभव कानूनी एक्शन ले रही है।

​आयोग की अध्यक्ष ने इस मामले में स्थानीय पुलिस स्तर पर बरती गई घोर लापरवाही और पीड़िता पर बयान बदलने हेतु डाले गए कथित दबाव पर तीखा रोष व्यक्त किया है। परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के बावजूद कार्यवाही में विलंब और आरोपियों को लाभ पहुँचाने के प्रयासों पर अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले और मामले को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिसकर्मी तथा अधिकारी भी अपराध में समान रूप से भागीदार हैं। खानपुर थाना प्रभारी के निलंबन को एक आवश्यक कदम बताते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि कर्तव्य पालन में विफल रहे समस्त संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय जाँच संस्थित कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

अध्यक्ष ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित सुसंगत कठोर धाराओं के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की जाए।

कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया है कि आयोग के प्रतिनिधि जल्द ही व्यक्तिगत रूप से पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात करेंगे ताकि उन्हें हर संभव कानूनी और मानसिक संबल प्रदान किया जा सके। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग इस मामले की निरंतर और गहन निगरानी कर रहा है तथा शासन-प्रशासन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को उनके कृत्यों की कड़ी से कड़ी सजा मिले। देवभूमि की शांति और सुरक्षा के साथ समझौता करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

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स्वास्थ्य मंत्री ने 7 मेडिकल कॉलेजों एवं राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के साथ की मैराथन समीक्षा बैठक https://janpakshtimes.in/2026/05/04/the-health-minister-held-a-marathon-review-meeting-with-seven-medical-colleges-and-the-state-cancer-institute-haldwani/ Mon, 04 May 2026 05:14:44 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4255

देहरादून। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल, देहरादून में राज्य के 7 राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं हल्द्वानी स्थित राज्य कैंसर संस्थान के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं निदेशक उपस्थित रहे। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्या भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के निदेशक डॉ. पांडे द्वारा संस्थान की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मंत्री ने चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़, सुलभ एवं प्रभावी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश एवं निर्णय लिए।

बैठक के प्रमुख निर्णय एवं निर्देश निम्नानुसार हैं:

राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी में शीघ्र ही इंडोर सेवाएं प्रारंभ की जाएंगी।

हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों के भीतर नियमित ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में इसी माह कैथ लैब प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही अल्मोड़ा एवं हल्द्वानी में स्थापित कैथ लैब के संचालन हेतु कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। पर्वतीय क्षेत्रों में लगभग 70 प्रतिशत एवं देहरादून में लगभग 40 प्रतिशत पद रिक्त हैं। फैकल्टी रिटेंशन हेतु प्रभावी नीति बनाने पर मंथन किया गया।

सीनियर रेजिडेंट्स के वेतन में वृद्धि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किए जाने का निर्णय लिया गया।

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को फैकल्टी के रूप में समायोजित करते हुए इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल विकसित किए जाएंगे तथा पर्वतीय क्षेत्रों में समयबद्ध सेवा नीति लागू करने पर बल दिया गया।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में चारधाम यात्रा मार्ग को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पतालों के निकट हेलीपैड निर्माण की योजना तैयार की जाएगी।

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी वर्ष से कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

आपातकालीन स्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को हेली सेवा के माध्यम से आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

हल्द्वानी में कैथ लैब के शीघ्र शुभारंभ के निर्देश दिए गए।

रोस्टर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के सभी क्षेत्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

संस्थागत एम्बुलेंस सेवाओं का उपयोग 108 सेवा की तर्ज पर करने के निर्देश दिए गए।

अस्पताल परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने, अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने तथा बाहर से दवाएं लिखने की प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पतालों में “सफाई, दवाई और भलाई” को स्वास्थ्य सेवाओं के तीन प्रमुख स्तंभ बताते हुए इन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

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छह माह के लिए खुले सिद्धपीठ लाटू देवता के द्वार, परंपराओं के साथ हुआ आयोजन https://janpakshtimes.in/2026/05/01/the-portals-of-the-sacred-shrine-of-latu-devta-have-opened-for-six-months-the-event-was-celebrated-in-accordance-with-traditional-customs/ Fri, 01 May 2026 11:53:53 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4252

चमोली:  लाटू देवता के कपाट शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। हर साल की तरह इस बार भी मंदिर के द्वार छह महीने तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे।

मंदिर के पुजारी खेम सिंह ने परंपरा का पालन करते हुए आंखों पर पट्टी बांधकर गर्भगृह में प्रवेश किया और पूजा-अर्चना संपन्न कराई। जैसे ही कपाट खुले, पूरे क्षेत्र में भक्तों के जयकारों की गूंज सुनाई दी और माहौल भक्तिमय हो गया।

 मंदिर परिसर में पारंपरिक देव नृत्य, झोड़ा और चांचरी जैसे लोक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।

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सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक https://janpakshtimes.in/2026/05/01/cm-dhami-performed-the-worship-of-1100-young-girls-and-the-ceremonial-anointing-of-goddess-rajeshwari-at-the-shri-peetham-foundation-festival/ Fri, 01 May 2026 10:21:01 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4249

डोल आश्रम आध्यात्मिक साधना व सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र- सीएम धामी

अल्मोड़ा। जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन कर माँ राजेश्वरी का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

डोल आश्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री द्वारा आश्रम परिसर में स्थापित श्रीयंत्र एवं यहां संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र को देखकर एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास की साधना एवं तपस्या के कारण यह स्थान आज पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। साथ ही उन्होंने बाबा कल्याणदास द्वारा वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या प्रदेश में विकसित हो रही बेहतर व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का परिणाम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी https://janpakshtimes.in/2026/05/01/the-elderly-are-an-invaluable-heritage-of-society-and-the-nation-cm-dhami/ Fri, 01 May 2026 05:56:52 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4246

मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में किया प्रतिभाग

राज्य में 6 लाख से अधिक वरिष्ठजनों को मिल रहा पेंशन का लाभ

जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम को दिया जा रहा बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज की मजबूत जड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।

उन्होंने समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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