Janpaksh Times https://janpakshtimes.in National News Portal Fri, 19 Jun 2026 11:08:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 त्रैमासिक लक्ष्य जल्द IFMS पोर्टल पर करें अपलोड, मुख्य सचिव ने विभागों को दिए निर्देश https://janpakshtimes.in/2026/06/19/upload-quarterly-targets-to-the-ifms-portal-soon-chief-secretary-issues-instructions-to-departments/ Fri, 19 Jun 2026 11:08:52 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4721

वाइब्रेंट विलेज में आजीविका योजनाओं पर फोकस

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (RIDF) के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण UREDA को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और UREDA के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ . वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री धामी से रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट https://janpakshtimes.in/2026/06/19/a-delegation-led-by-railway-board-chairman-satish-kumar-met-chief-minister-dhami/ Fri, 19 Jun 2026 10:32:04 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4718

उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं को गति देने पर जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, विभिन्न रेल परियोजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा, विशेषकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई देगी। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय संतुलित विकास और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर आगे कार्रवाई करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना आवश्यक है। उन्होंने गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के मद्देनजर हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण (डबल लाइन) की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा।
बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी मौजूद रहे।

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स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है- मुख्यमंत्री https://janpakshtimes.in/2026/06/19/healthy-energetic-and-disciplined-youth-are-the-cornerstone-of-the-bright-future-of-the-state-and-the-country-chief-minister/ Fri, 19 Jun 2026 06:56:08 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4715

रन फॉर योगा में सीएम के संग मंत्री, विधायक व अफसर भी दौड़े

देहरादून। पुलिस लाइन में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा में सीएम के संग मंत्री, विधायक व अफसर भी दौड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।

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विकास योजनाओं एवं सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश https://janpakshtimes.in/2026/06/19/dm-issues-directives-to-expedite-work-during-review-meeting-on-development-schemes-and-cms-announcements/ Fri, 19 Jun 2026 05:36:02 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4712

रेन वाटर हार्वेस्टिंग से ओवरब्रिज तक, विकास कार्यों की समीक्षा में डीएम ने दिखाई सख्ती; धीमी प्रगति पर अधिकारियों को चेतावनी

विकास कार्यों की मैदानी हकीकत पर होगी अफसरों की जवाबदेही, डीएम ने मांगी स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट

‘कार्य समय पर पूरे करें, नहीं तो होगी कार्रवाई’: डीएम

देहरादून-  जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने तथा प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान शहर में संचालित सीवर लाइन, पेयजल लाइन एवं विद्युत लाइनों के अंडरग्राउंड कार्य कटिंग अनुमति न मिलने के कारण प्रभावित होने की जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे सभी लंबित मामलों की विस्तृत सूची तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति प्रदान की जा सके।

जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थलीय सत्यापन से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

बैठक में मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक एवं राइजिंग मेन बिछाने के कार्यों में विलंब पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक में उपस्थित जल संस्थान पित्थूवाला के संबंधित एई को वेतन रोकने की चेतावनी दी। दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना का कार्य समय पर प्रारंभ किया जा सके।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 51 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 22 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग को शेष कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य 30 जून तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्थल का चयन अनुचित अथवा त्रुटिपूर्ण पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वेतन रोकने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लगभग 218 करोड़ रुपये की लागत के लंबित कार्यों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा देरी के कारणों पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण, पुल निर्माण एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को अगस्त माह से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को यातायात संबंधी सुविधा का लाभ मिल सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करें तथा जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के गिरि, सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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एसजीआरआर पब्लिक स्कूल सहसपुर में दी गई शहीद स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को श्रद्धांजलि https://janpakshtimes.in/2026/06/19/tribute-paid-to-martyr-squadron-leader-prashant-singh-at-sgrr-public-school-sahaspur/ Fri, 19 Jun 2026 04:53:21 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4709

देहरादून। श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में विद्यालय के पूर्व छात्र एवं भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह के असम में हुए विमान हादसे में शहीद होने पर शोक सभा आयोजित की गई।

विद्यालय परिवार ने शहीद प्रशांत सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानाचार्या शाहना रहमान सहित शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

प्रधानाचार्या शाहना रहमान ने कहा कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह विद्यालय के गौरव थे। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उन्होंने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे सदैव याद रखा जाएगा।

एसजीआरआर विद्यालय परिवार ने शहीद प्रशांत सिंह के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। विद्यालय परिवार ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया योगाभ्यास https://janpakshtimes.in/2026/06/18/chief-minister-dhami-practiced-yoga-with-officials-and-employees/ Thu, 18 Jun 2026 10:17:20 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4705

देहरादून। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट के कार्यालय का किया शुभारंभ https://janpakshtimes.in/2026/06/18/cabinet-minister-ganesh-joshi-inaugurated-the-office-of-shamsher-singh-bisht-vice-chairman-of-the-ex-servicemen-welfare-council/ Thu, 18 Jun 2026 08:29:43 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4702

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट के कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण, उत्थान एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यालय पूर्व सैनिकों और परिषद के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा जनसेवा के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने का केंद्र बनेगा।

मंत्री जोशी ने सैनिक कल्याण परिषद में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में परिषद समाज के हितों के लिए प्रभावी कार्य करेगी तथा राज्य के विकास में सैनिक समाज की सहभागिता को और सुदृढ़ करेगी।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी ज्योति कोटिया सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश, अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर नहीं मिलेगी कोई राहत https://janpakshtimes.in/2026/06/17/mdda-vice-chairman-banshidhar-tiwaris-stern-message-no-relief-for-illegal-construction-and-plotting/ Wed, 17 Jun 2026 06:22:12 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4698

सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई अवैध निर्माण और प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही प्लॉटिंग तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शेरपुर में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में नया हाईवे के निकट सुनील एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग पांच बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग से संबंधित किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्षों द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

सेलाकुई में अवैध निर्माण भी किया गया ध्वस्त
इसी क्रम में शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे नया हाईवे, सेलाकुई क्षेत्र में सावेज द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। एमडीडीए अधिकारियों ने निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। सहसपुर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अमन पाल, सुपरवाइजर सिद्धार्थ सेमवाल तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

मसूरी रोड के कोलूखेत में भी कार्रवाई
एमडीडीए की एक अन्य टीम ने मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में कल्पना शर्मा, विक्रम रावत और विकास थापली द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

लगातार चलाया जा रहा है अभियान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे पर भी प्रतिकूल असर डालते हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या भूमि विकास करने से पूर्व आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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अगस्त में जारी होगी आउट ऑफ टर्न जॉब की विज्ञप्ति : रेखा आर्या https://janpakshtimes.in/2026/06/16/out-of-turn-job-notification-will-be-issued-in-august-rekha-arya/ Tue, 16 Jun 2026 10:18:54 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4695

देहरादून: राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न जॉब जल्द ही मिलने जा रही है। समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने अगस्त माह तक इसकी विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं।

खेल विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा के लिए मंगलवार को सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आउट ऑफ टर्न जॉब देने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस काम को विभाग सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करें।

इसके साथ ही खेल मंत्री ने बैठक में खेल विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए जल्द से जल्द नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पहले सत्र में जिन विषयों में एडमिशन होंगे उनका चयन किया जा चुका है। खेल मंत्री ने बताया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जुलाई माह से यहां भी पहला शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा।

बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के ट्रायल किस तरह होंगे और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम क्या होगा, इसकी तैयारी के लिए जल्द से जल्द विभाग के अधिकारी उत्तराखंड ओलंपिक संघ के साथ बैठक आयोजित करें।

इसके अतिरिक्त खेल मंत्री रेखा आर्या ने नई खेल नीति बनाने और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम स्थापित करने के काम को भी तेजी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के बे्रस्ट कैंसर सर्जन ने महिला को दिया नया जीवन https://janpakshtimes.in/2026/06/16/breast-cancer-surgeon-at-shri-mahant-indiresh-hospital-gives-a-woman-a-new-lease-on-life/ Tue, 16 Jun 2026 05:02:23 +0000 https://janpakshtimes.in/?p=4692

महिला मरीज़ के स्तन से 12.5 किलो का टयूमर निकाला

स्तन की छोटी गांठ ने फुटबाल के आकार के ट्यूमर का लिया खतरनाक रूप

देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ब्रेस्ट सर्जन की कड़ी मेहनत रंग लाई। स्तन में होने वाली छोटी सी गांठ को नजरअंदाज करना किस तरह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है, इसका एक अनोखा उदाहरण श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में देखने को मिला। अस्पताल के ब्रेस्ट सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. नीलकमल कुमार और उनकी टीम ने 35 वर्षीय महिला के स्तन से 12.5 किलोग्राम वजन का फुटबॉल के आकार का विशाल फायलोड्स ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर मरीज़ को नया जीवन दिया है। विशेष बात यह रही कि करीब चार घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने स्तन के उभार को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ है और उन्हें अस्पताल से 3 दिन बाद ही छुट्टी दे दी गई है।

वरिष्ठ ब्रेस्ट एवं एंडोक्राइन सर्जन डॉ. नीलकमल कुमार ने बताया कि मेडिकल साइंस में इस बीमारी को फायलोड्स ट्यूमर कहा जाता है।यह ट्यूमर दुर्लभ की श्रेणी में आता है लेकिन श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में ऐसे टय्मर का उपचार सफलतापूर्वक किया जा रहा है। श्री मंहत इन्दिरेश अस्पताल के सुपरस्पेशलिस्ट ब्रेस्ट विभाग में कुशल एवम् अनुभवी डाॅक्टरों की टीम उपलब्ध है। यही कारण है कि अस्पताल के ब्रेस्ट विभाग में ऐसे ट्यूमर सामान्य तौर पर उपचार के लिए आते हैं जो छोटे बड़े अस्पतालों में सर्जरी/सर्जरी न होने के बाद रैकरेंस/दोबारा ट्यूमर हो जाने के बाद मरीज़ को लेकर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ब्रेस्ट विभाग में पहुंचते हैं।

यह स्तन का एक अत्यंत दुर्लभ ट्यूमर होता है, जो सामान्य गांठ की तुलना में अत्यंत तेजी से बढ़ जाता है। केवल ट्यूमर के आकार या प्रारंभिक जांच के आधार पर यह तय करना संभव नहीं होता कि ट्यूमर कैंसरयुक्त (मैलिग्नेंट) है या नहीं। इसकी वास्तविक प्रकृति का पता बायोप्सी जांच के बाद ही चलता है।

उन्होंने बताया कि मरीज के स्तन में शुरुआत में एक छोटी गांठ थी, जिसके लिए वह स्थानीय स्तर पर उपचार ले रही थीं। भय, संकोच और जागरूकता की कमी के कारण उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने में काफी देरी कर दी। इस दौरान उन्होंने होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार भी लिया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। समय बीतने के साथ गांठ का आकार तेजी से बढ़ता गया और कुछ ही सप्ताहों में वह फुटबॉल के आकार के विशाल ट्यूमर में बदल गई।

ट्यूमर के अत्यधिक बढ़ जाने के कारण मरीज को सांस लेने में कठिनाई, लगातार दर्द, सोने में परेशानी तथा दैनिक कार्यों को करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से बचना और लोगों के बीच असहज महसूस करना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। ट्यूमर के लगातार बढ़ते आकार ने मरीज को मानसिक रूप से भी गहरे तनाव और भय की स्थिति में पहुंचा दिया था। उन्हें आशंका सताने लगी थी कि कहीं यह कैंसर तो नहीं है और उनका सामान्य जीवन प्रभावित न हो जाए।

डॉ. नीलकमल कुमार ने बताया कि फायलोड्स ट्यूमर की सबसे बड़ी चुनौती इसकी पुनरावृत्ति (लोकल रैकरेंस) की संभावना होती है। यही कारण है कि ऐसे जटिल मामलों का उपचार ब्रेस्ट विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाना चाहिए। समय पर निदान, उचित शल्य चिकित्सा और नियमित फॉलो-अप के माध्यम से पुनरावृत्ति के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा मरीज को बेहतर दीर्घकालिक परिणाम प्राप्त होते हैं।

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